पाकिस्तानी क़ैदी की जयपुर जेल में पीट-पीटकर हत्या
राजस्थान में जयपुर के केंद्रीय जेल में बंद एक पाकिस्तानी बंदी शकरुल्लाह की जेल की बैरक में ही साथी बंदियों ने पीट-पीट कर हत्या कर दी.
पाकिस्तान में सियालकोट के रहने वाले शकरुल्लाह जेल में उम्र क़ैद की सज़ा काट रहे थे. आरोप है कि जेल में बंद चार भारतीय बंदियों ने उनकी पत्थरों से पीट-पीट कर हत्या कर दी.
पुलिस के अनुसार यह घटना बुधवार की दोपहर की है. जयपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लक्ष्मण गौड़ ने जेल के बाहर जमा पत्रकारों से बातचीत में इसकी पुष्टि की.
गौड़ ने कहा कि प्रारंम्भिक रूप से जेल में टीवी के वॉल्यूम को लेकर विवाद होने और बाद में उसकी हत्या करने की बात सामने आई है.
गौड़ ने बताया कि इस मामले में चार बंदियों की पहचान कर उन्हें नामजद किया गया है.
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया. जेल महानिदेशक एनआरके रेड्डी समेत वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम भी पहुंची.
गौड़ ने बताया कि अभी मामले की जाँच की जा रही है, ताकि घटना की सही तस्वीर सामने आ सके.
टीवी की वॉल्यूम को लेकर झगड़ा
यह पूछे जाने पर कि क्या इस घटना का संबंध पुलवामा से भी जुड़ा है? पुलिस अधिकारी ने कहा अब तक जानकारी में टीवी वॉल्यूम को लेकर झगड़ा होने की ही बात सामने आई है.
शकरुल्ला और दो अन्य पाकिस्तानी बंदियों को वर्ष 2017 में जयपुर की एक अदालत ने भारत में आतंक फ़ैलाने के आरोप में उम्र कैद की सजा से दंडित किया था, तब से वो जयपुर जेल में था. उस पर चरमपंथी संगठन लश्कर ए तैएबा के लिए काम करने का आरोप था.
पुलिस ने इस मामले में आठ लोगो को दोषी करार दिया था. इनमे पांच भारतीय थे और तीन पाकिस्तानी.
इस घटना के बाद जेल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
राजस्थान की विभिन्न जेलों में कोई बीस हजार से ज्यादा बंदी है. इनमें से 62 विदेशी नागरिक हैं जिनमें से एक दर्जन से अधिक पाकिस्तानी हैं.
सोमवार सुबह जब पुलवामा ज़िले से भारतीय सेना के चार जवानों के मारे की ख़बर आई तो उससे कुछ ही देर बाद #PakistanAndCongress ट्विटर के टॉप ट्रेंड्स में शामिल हो गया.
#PakistanAndCongress के साथ जिन लोगों ने ट्वीट किए हैं उनमें से दक्षिणपंथी रुझान वाले अधिकांश सोशल मीडिया यूज़र्स का आरोप है कि पुलवामा हमले के बाद भी पाकिस्तान के लिए कांग्रेस पार्टी का रुख़ 'सॉफ़्ट' है.
हज़ारों लोगों ने इस हैशटैग के साथ न सिर्फ़ ट्विटर पर बल्कि फ़ेसबुक और शेयर चैट जैसे चैटिंग ऐप्स पर भड़काऊ सामग्री शेयर की है.
बहुत से लोगों ने इस हैशटैग के साथ पुरानी तस्वीरें और वीडियो इस्तेमाल किए हैं. लेकिन अपनी पड़ताल में हमने इनमें से कई को पूरी तरह ग़लत और बेबुनियाद पाया है.
दक्षिणपंथ समर्थक अपने फ़ेसबुक ग्रुप्स में ट्रेंडिंग हैशटैग के साथ लिख रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी की नई महासचिव प्रियंका गांधी सात फ़रवरी को दुबई में पाकिस्तान के आर्मी चीफ़ क़मर जावेद बाजवा से मिली थीं.
लेकिन तथ्यों के आधार पर ये दावा ग़लत साबित होता है क्योंकि सात फ़रवरी को प्रियंका गांधी आगामी लोकसभा चुनाव में आधिकारिक रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश की ज़िम्मेदारी मिलने के बाद पहली दफ़ा कांग्रेस मुख्यालय पर मीटिंग के लिए पहुंची थीं.
इस ट्वीट में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह कहते हुए निशाना बनाया था कि "पीएम ने सीबीआई डायरेक्टर को ही हटा दिया ताकि जाँच को रोका जा सके."
लेकिन कुछ लोगों का ऐसा दावा है कि 'पाकिस्तान डिफ़ेंस ने भी राहुल का ये ट्वीट, री-ट्वीट किया था क्योंकि मोदी को हटाने के लिए पाकिस्तान कांग्रेस पार्टी की मदद कर रहा है'.
ये दावा बिल्कुल ग़लत है क्योंकि पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय और पाकिस्तानी फ़ौज का 'पाकिस्तान डिफ़ेंस' नाम से कोई आधिकारिक ट्विटर हैंडल है ही नहीं.
पाकिस्तान अपने डिफ़ेंस और फ़ौज से जुड़ी जानकारी ट्वीट करने के लिए 'इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशन' (ISPR) के आधिकारिक हैंडल का इस्तेमाल करता है.
सिब्बल का बयान
दक्षिण भारत के अधिकांश कथित मोदी समर्थक सोशल मीडिया ग्रुप्स में कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल का एक बयान #PakistanAndCongress के साथ शेयर किया जा रहा है जिसके अनुसार सिब्बल ने 'अतिवादी-राष्ट्रवाद' को पुलवामा हमले का कारण बताया है.
इसे दक्षिणपंथी रुझान वाले बड़े हिंदी भाषी ग्रुप्स में भी शेयर किया जा रहा है.
इस बारे में कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने बीबीसी से हुई बातचीत में दावा किया कि उन्होंने 14 फ़रवरी को हुए पुलवामा हमले पर न सिर्फ़ सोशल मीडिया के ज़रिए, बल्कि मीडिया को भी इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है.
पाकिस्तान में सियालकोट के रहने वाले शकरुल्लाह जेल में उम्र क़ैद की सज़ा काट रहे थे. आरोप है कि जेल में बंद चार भारतीय बंदियों ने उनकी पत्थरों से पीट-पीट कर हत्या कर दी.
पुलिस के अनुसार यह घटना बुधवार की दोपहर की है. जयपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लक्ष्मण गौड़ ने जेल के बाहर जमा पत्रकारों से बातचीत में इसकी पुष्टि की.
गौड़ ने कहा कि प्रारंम्भिक रूप से जेल में टीवी के वॉल्यूम को लेकर विवाद होने और बाद में उसकी हत्या करने की बात सामने आई है.
गौड़ ने बताया कि इस मामले में चार बंदियों की पहचान कर उन्हें नामजद किया गया है.
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया. जेल महानिदेशक एनआरके रेड्डी समेत वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम भी पहुंची.
गौड़ ने बताया कि अभी मामले की जाँच की जा रही है, ताकि घटना की सही तस्वीर सामने आ सके.
टीवी की वॉल्यूम को लेकर झगड़ा
यह पूछे जाने पर कि क्या इस घटना का संबंध पुलवामा से भी जुड़ा है? पुलिस अधिकारी ने कहा अब तक जानकारी में टीवी वॉल्यूम को लेकर झगड़ा होने की ही बात सामने आई है.
शकरुल्ला और दो अन्य पाकिस्तानी बंदियों को वर्ष 2017 में जयपुर की एक अदालत ने भारत में आतंक फ़ैलाने के आरोप में उम्र कैद की सजा से दंडित किया था, तब से वो जयपुर जेल में था. उस पर चरमपंथी संगठन लश्कर ए तैएबा के लिए काम करने का आरोप था.
पुलिस ने इस मामले में आठ लोगो को दोषी करार दिया था. इनमे पांच भारतीय थे और तीन पाकिस्तानी.
इस घटना के बाद जेल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
राजस्थान की विभिन्न जेलों में कोई बीस हजार से ज्यादा बंदी है. इनमें से 62 विदेशी नागरिक हैं जिनमें से एक दर्जन से अधिक पाकिस्तानी हैं.
सोमवार सुबह जब पुलवामा ज़िले से भारतीय सेना के चार जवानों के मारे की ख़बर आई तो उससे कुछ ही देर बाद #PakistanAndCongress ट्विटर के टॉप ट्रेंड्स में शामिल हो गया.
#PakistanAndCongress के साथ जिन लोगों ने ट्वीट किए हैं उनमें से दक्षिणपंथी रुझान वाले अधिकांश सोशल मीडिया यूज़र्स का आरोप है कि पुलवामा हमले के बाद भी पाकिस्तान के लिए कांग्रेस पार्टी का रुख़ 'सॉफ़्ट' है.
हज़ारों लोगों ने इस हैशटैग के साथ न सिर्फ़ ट्विटर पर बल्कि फ़ेसबुक और शेयर चैट जैसे चैटिंग ऐप्स पर भड़काऊ सामग्री शेयर की है.
बहुत से लोगों ने इस हैशटैग के साथ पुरानी तस्वीरें और वीडियो इस्तेमाल किए हैं. लेकिन अपनी पड़ताल में हमने इनमें से कई को पूरी तरह ग़लत और बेबुनियाद पाया है.
दक्षिणपंथ समर्थक अपने फ़ेसबुक ग्रुप्स में ट्रेंडिंग हैशटैग के साथ लिख रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी की नई महासचिव प्रियंका गांधी सात फ़रवरी को दुबई में पाकिस्तान के आर्मी चीफ़ क़मर जावेद बाजवा से मिली थीं.
लेकिन तथ्यों के आधार पर ये दावा ग़लत साबित होता है क्योंकि सात फ़रवरी को प्रियंका गांधी आगामी लोकसभा चुनाव में आधिकारिक रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश की ज़िम्मेदारी मिलने के बाद पहली दफ़ा कांग्रेस मुख्यालय पर मीटिंग के लिए पहुंची थीं.
इस ट्वीट में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह कहते हुए निशाना बनाया था कि "पीएम ने सीबीआई डायरेक्टर को ही हटा दिया ताकि जाँच को रोका जा सके."
लेकिन कुछ लोगों का ऐसा दावा है कि 'पाकिस्तान डिफ़ेंस ने भी राहुल का ये ट्वीट, री-ट्वीट किया था क्योंकि मोदी को हटाने के लिए पाकिस्तान कांग्रेस पार्टी की मदद कर रहा है'.
ये दावा बिल्कुल ग़लत है क्योंकि पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय और पाकिस्तानी फ़ौज का 'पाकिस्तान डिफ़ेंस' नाम से कोई आधिकारिक ट्विटर हैंडल है ही नहीं.
पाकिस्तान अपने डिफ़ेंस और फ़ौज से जुड़ी जानकारी ट्वीट करने के लिए 'इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशन' (ISPR) के आधिकारिक हैंडल का इस्तेमाल करता है.
सिब्बल का बयान
दक्षिण भारत के अधिकांश कथित मोदी समर्थक सोशल मीडिया ग्रुप्स में कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल का एक बयान #PakistanAndCongress के साथ शेयर किया जा रहा है जिसके अनुसार सिब्बल ने 'अतिवादी-राष्ट्रवाद' को पुलवामा हमले का कारण बताया है.
इसे दक्षिणपंथी रुझान वाले बड़े हिंदी भाषी ग्रुप्स में भी शेयर किया जा रहा है.
इस बारे में कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने बीबीसी से हुई बातचीत में दावा किया कि उन्होंने 14 फ़रवरी को हुए पुलवामा हमले पर न सिर्फ़ सोशल मीडिया के ज़रिए, बल्कि मीडिया को भी इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है.
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