उन्नाव रेप कांड में बढ़ती रहस्य की परतें

"हादसा नहीं है ये. सब जानबूझकर कराया गया है. विधायक के लोग ये सब कर रहे हैं. कई बार धमकी दी जा चुकी है. समझौता कराने का दबाव बनाया जा रहा है. विधायक सब काम जेल से ही कर रहे हैं. विधायक ख़ुद भले ही जेल में हैं लेकिन उनके आदमी बाहर हैं. हमें न्याय चाहिए."

उन्नाव के रेप कांड की पीड़ित लड़की की मां लखनऊ के केजीएमयू हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर के बाहर बदहवास घूम रही थीं और मीडिया वालों के कुछ पूछने पर ऐसे जवाब दे रही थीं जैसे थोड़ी ही देर में बहुत सी बातें कह देना चाहती हों.

उनका कहना था कि आए दिन उन लोगों के घर के सदस्यों को जेल में डलवाने या फिर हत्या करा देने की धमकी दी जाती है.

रेप पीड़िता के परिवार पर एक बार फिर जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. जेल में बंद अपने चाचा से मिलने के लिए जब वो उन्नाव से रायबरेली जेल जा रही थी, तब रास्ते में एक ट्रक से सीधी टक्कर होने के चलते उनकी चाची और मौसी की मौत हो गई.

ये लोग रेप पीड़िता और उनके वकील के साथ एक ही गाड़ी में सवार थे. हादसे में रेप पीड़िता और वकील भी बुरी तरह से घायल हुए हैं जिनका लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है. इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने 302, 307, 506 और 120-बी धाराओं के तहत एफ़आईआर दर्ज की गई है.

रेप पीड़िता की मां जिस वक़्त मीडिया से बात कर रही थीं लगभग उसी वक़्त राज्य के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह का बयान आया कि 'प्रथम दृष्ट्या यह हादसा ही प्रतीत हो रहा है, इसमें साज़िश जैसी कोई बात नहीं दिख रही है.'

यह बयान रायबरेली के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह के बयान जैसा ही था जो घटना के दिन उन्होंने प्रथम दृष्ट्या जानकारी के आधार पर दी थी.

वहीं, सोमवार दोपहर तक जब इस मामले को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक में उबाल आने लगा तो लखनऊ ज़ोन के एडीजी राजीव कृष्ण ने प्रेस कांफ्रेंस करके कुछ जानकारियां साझा कीं.

उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर तमाम नमूने इकट्ठा करके जांच के लिए भेजे जा चुके हैं. जांच रिपोर्ट आने पर घटना की सीबीआई जांच कराई जाएगी. जिस ट्रक की टक्कर से दुर्घटना हुई है, उसके ड्राइवर, मालिक और क्लीनर को भी गिरफ़्तार कर लिया गया है.

एडीजी राजीव कृष्ण ने इसकी वजह बताई, "ट्रक मालिक ने बताया कि वह समय पर किश्तों का भुगतान करने में असमर्थ था और फ़ाइनेंसर बार-बार परेशान कर रहे थे. इस वजह से उसने ट्रक के सामने की साइड नंबर प्लेट पर कुछ ग्रीस से पेंट कर दिया था."

इन सब मामलों की जांच होगी. जांच इस बात की भी होगी कि सरकार की ओर से छह सुरक्षाकर्मी मिलने के बावजूद पीड़ित लड़की के साथ उस वक़्त कोई भी क्यों नहीं था?

हालांकि इस बारे में पीड़ित लड़की की मां ने मीडिया को बताया, "उन लोगों की कोई ग़लती नहीं है. एक सिपाही के घर पर कोई बीमार था, वो चले गए थे और गाड़ी में जगह भी नहीं थी."

इस हादसे पर चौतरफ़ा सवाल उठ रहे हैं. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सीधे तौर पर इसे साज़िश बता रहे हैं.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी इसे हादसा मानने को तैयार नहीं हैं और योगी सरकार की क़ानून-व्यवस्था को मृतप्राय बता रही हैं तो दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने पीड़ित परिवार से मुलाक़ात के बाद कहा कि जब तक इस मामले की सुनवाई उत्तर प्रदेश के बाहर नहीं होती, पीड़ित और उसके परिवार को न्याय नहीं मिलेगा.

Comments

Popular posts from this blog

肺炎疫情:美国在这场新冠危机中的对与错

肺炎疫情:详解英国抗疫“持久战”的八大难题

Американский адвокат получил пять лет тюрьмы за порнотроллинг